गुरुग्राम, 3 जनवरी 2026 NHAI toll- दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 पर बना खेड़कीदौला टोल प्लाज़ा आज भी वाहन चालकों की जेब ढीली कर रहा है, जबकि 20 किलोमीटर की दूरी पर बिजवासन में द्वारका एक्सप्रेसवे का टोल भी फुल रेट पर वसूला जा रहा है। दोहरी वसूली से तंग आकर वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को हस्ताक्षर याचिका भेजने का फैसला किया है; अगले महीने रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी। स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी माना कि “नया प्लाज़ा बनते ही पुराना बंद होगा”, पर जमीन अधिग्रहण की आपत्तियों ने काम रोका है।
NHAI के दो टोल, एक ही रास्ता: लोग ठगा महसूस कर रहे
द्वारका एक्सप्रेसवे 2024 के अंत में खुला और तब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सार्वजनिक रूप से कहा था, “खेड़कीदौला टोल प्लाज़ा को शिफ्ट किया जाएगा या बंद कर दिया जाएगा।” आज तक ऐसा नहीं हुआ। जयपुर निवासी कारोबारी जयशंकर सिंह बताते हैं, “मैं हर हफ्ते दिल्ली-जयपुर दौरा करता हूँ। NH-48 पर खेड़कीदौला ₹135 लेता है, 20 किमी आगे बिजवासन ₹140। फास्टैग होने के बावजूद लाइन इतनी लंबी कि 15 मिनट बर्बाद। यह डबल टैक्स जीता जागता ठगी है।”
NHAI का राजस्व का लालच या प्रशासनिक जटिलता?
द्वारका एक्सप्रेसवे वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष याशिश यादव बताते हैं कि खेड़कीदौला प्लाज़ा से NHAI को सालाना लगभग ₹200 करोड़ की आमदनी होती है। “इतनी बड़ी रकम छोड़ने की इच्छा नहीं है, इसलिए ‘शिफ्टिंग’ की बात सिर्फ़ कागज़ पर रहती है,” यादव आरोप लगाते हैं। पिछले दो साल में दो बार जमीन चिन्हित की गई—पहले मानेसर के पास NSG ट्रेनिंग सेंटर, फिर पचगांव चौक—लेकिन स्थानीय ग्राम सभाओं ने विरोध किया; भू-अधिग्रहण की अधिसूचना अभी लंबित है।
NHAI ने बताया ट्रैफिक दबाव और सुरक्षा चिंता
खेड़कीदौला प्लाज़ा दिल्ली एयरपोर्ट के मात्र 12 किमी दूर है। रात में ट्रक-फास्टैग फेल होने पर कतारें 2-3 किमी तक खिंच जाती हैं। रेवाड़ी निवासी निरंजन वर्मा कहते हैं, “यदि फास्टैग रिचार्ज नहीं है तो कैश लाइन में 20-25 मिनट लगते हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे का बिजवासन प्लाज़ा भी भीड़भाड़ वाला है। कम से कम एक तो बंद कर दें!”
NHAI के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान: PMO तक जाएगी याचिका
पिछले 10 दिनों में 18,000 से अधिक लोग ऑनलाइन पेटीशन पर साइन कर चुके हैं। याचिका में मांग है कि या तो खेड़कीदौला प्लाज़ा को तुरंत बंद किया जाए या फिर इसे मानेसर-पचगांव रोड पर शिफ्ट किया जाए ताकि केवल आगे जाने वाले वाहन टोल दें। अभियान की रिपोर्ट जनवरी 2025 में PMO भेजी जाएगी; साथ ही NHAI चेयरमैन और हरियाणा के मुख्यमंत्री को भी प्रति रवाना होगी।
सांसद का भरोसा: “नया बनते ही पुराना बंद”
राव इंद्रजीत सिंह, स्थानीय सांसद और केंद्रीय योजना मंत्री, ने मीडिया को बताया, “खेड़कीदौला की परेशानी मुझे समझ में आ रही है। NHAI को निर्देश दे दिया गया है कि पचगांव के पास 45 एकड़ जमीन चिन्हित करें; एक बार नया प्लाज़ा ऑपरेशनल होते ही पुराना बंद हो जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जमीन अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचण इसी सत्र में जारी होगी और 12 महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।
आर्थिक गणित: यात्रियों की बचत, NHAI का नुकसान?
यदि खेड़कीदौला बंद होता है तो दिल्ली-जयपुर रूट पर कार वालों को ₹135 बचेंगे, बस-ट्रक को ₹270-450। रोज़ाना औसतन 1.2 लाख वाहन इस रूट को पार करते हैं; इससे यात्रियों को सालाना ₹1,600 करोड़ की बचत होगी, पर NHAI को ₹200 करोड़ राजस्व घाटा उठाना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस घाटे को केंद्र सरकार वहन कर सकती है या फिर नए प्लाज़ा पर कम दर रखकर संतुलन बनाया जा सकता है।
द्वारका एक्सप्रेसवे का उद्घाटन सरकारी दावों की जीत थी, पर दोहरा टोल आम आदमी की जेब पर असर डाल रहा है। हस्ताक्षर अभियान और सांसद के भरोसे ने उम्मीद जगाई है, लेकिन जमीन अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी में अभी वक्त लगेगा। यात्रियों की मांग साफ है: या तो पुराना प्लाज़ा बंद करो, या दर घटाओ। जब तक नया टोल बन नहीं जाता, तब तक NHAI को अस्थायी राहत—जैसे हाफ रेट या फ्री-फास्टैग लेन—देनी चाहिए, ताकि 20 किलोमीटर के अंतराल पर “डबल टैक्स” की भावना खत्म हो। सड़क चौड़ी हुई है, अब वसूली की ज़िद भी संकीर्ण होनी चाहिए।



