Haryana News RTI – हरियाणा के जिला नूंह का एक गांव एक दशक से भी अधिक पुराने पेयजल घोटाले से जूझ रहा है। पुन्हाना खंड के गांव तुसैनी में साल 2009 में रेनिवेल परियोजना के तहत बनाया गया पेयजल टैंक आज तक ग्रामीणों को पानी नहीं दे पाया है। लेकिन इस टैंक से जुड़े कागजात में यह कई वर्षों तक न केवल चालू दिखाया गया, बल्कि इसके लिए ‘कर्मचारियों’ को वेतन भी दिया जाता रहा। सरकारी धन के इस गबन का मामला अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एक बड़ा रूप ले चुका है। पुन्हाना थाना सदर में स्थानीय सरपंच आरिफा, जूनियर इंजीनियर मुफीद और 13 अन्य लोगों के खिलाफ 16 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की गई है।
RTI ने खोली पोल, फर्जीवाड़े का सिलसिला
यह मामला सामने तब आया जब ग्रामीण साबिर ने इस संदिग्ध गतिविधि को लेकर RTI के तहत जानकारी मांगी। RTI से प्राप्त दस्तावेजों से चौंकाने वाला खुलासा हुआ। शिकायतकर्ता साबिर के अनुसार, “साल 2009 में बना यह पानी का टैंक कभी चालू ही नहीं किया गया। लेकिन सरपंच, उनके पति हाजर खां और जेई मुफीद ने मिलीभगत से फर्जी कर्मचारियों को पंप ऑपरेटर के रूप में दिखाकर जनवरी 2016 से जनवरी 2019 तक तनख्वाह निकाली और आपस में बांट ली।” हैरानी की बात यह है कि गांव में केवल एक टैंक होने के बावजूद, RTI प्रतिक्रिया में हाजर खां, तालीम, अखलाक समेत आठ लोगों को फर्जी तौर पर कर्मचारी दिखाया गया था।
लंबी चली कानूनी लड़ाई, अदालत ने दिलाई राहत
ग्रामीण साबिर ने इस अनियमितता की शिकायत पहले उपमंडल अभियंता, मुख्यमंत्री विंडो और एसडीओ से भी की, लेकिन किसी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। निराश होकर उन्होंने 8 मार्च, 2022 को अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट पुन्हाना में दायर इस याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के इसी आदेश के बाद लगभग दो साल बाद, 16 दिसंबर को आखिरकार FIR दर्ज हो सकी। शिकायत में रामप्रसाद, सुहेल, महेंद्र जैसे अन्य आरोपियों का भी नाम शामिल है, जिन पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है।
पुलिस जांच जारी, सवाल बरकरार
इस मामले में पुन्हाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर ग्रामीण शुद्ध पेयजल की बाट जोहते रह गए, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों और प्रशासन की नजर में यह परियोजना सक्रिय दिखाई देती रही।



