Kalesar National Park: हरियाणा सरकार ने Kalesar National Park में वन्यजीव संरक्षण और जंगलों की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। अब जंगल में लगी आग, शिकारियों की घुसपैठ या किसी भी (Kalesar National Park )असामान्य हलचल की सूचना विभाग को तुरंत मिल जाएगी।
Kalesar National Park प्राकृतिक समृद्धि के साथ-साथ अत्याधुनिक सुरक्षा तंत्र के लिए भी मिसाल
हरियाणा के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य, कलेसर नेशनल पार्क (Kalesar National Park) अब अपनी प्राकृतिक समृद्धि के साथ-साथ अत्याधुनिक सुरक्षा तंत्र के लिए भी मिसाल कायम करने जा रहा है। राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण और वन संपदा की सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाते हुए यहाँ ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (एआई) आधारित स्मार्ट निगरानी प्रणाली स्थापित कर रही है। इससे जंगल की हर हलचल पर पलक झपकते ही नजर रखी जा सकेगी और अवैध शिकार, अतिक्रमण या आग जैसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
Kalesar National Park की तकनीकी संरचना एवं कार्यप्रणाली
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पार्क में दो विशेष स्मार्ट टावर स्थापित किए जाएंगे। एक 42 मीटर ऊँचा टावर जंगल के मध्यभाग में लगाया जाएगा, जबकि दूसरा टावर वन विभाग के कार्यालय परिसर में होगा। ये टावर सिर्फ संरचनाएँ नहीं, बल्कि एआई से लैस कमांड केंद्र की तरह काम करेंगे। इन पर लगे उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले कैमरे, थर्मल सेंसर और अन्य उन्नत संवेदक (सेंसर्स) जंगल के विस्तृत क्षेत्र का रीयल-टाइम वीडियो और डेटा एकत्रित करेंगे। एआई सॉफ्टवेयर इस डेटा का तत्काल विश्लेषण करेगा।
Kalesar National Park को होने वाले प्रमुख लाभ एवं उद्देश्य
मुख्य वन संरक्षक (पंचकूला), बी. निवेदिता के अनुसार, इस प्रणाली के कई ठोस फायदे होंगे
घुसपैठ एवं अवैध गतिविधियों का पता लगाना: एआई मानव घुसपैठ, वाहनों की आवाजाही या संदिग्ध गतिविधियों को स्वचालित रूप से चिन्हित कर सतर्क करेगा।
जंगल की आग की प्रारंभिक चेतावनी: धुएं या अचानक तापमान वृद्धि का पता लगाकर आग लगने से पहले या फैलने से पहले ही अलर्ट जारी किया जा सकेगा।
मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी: सिस्टम गांवों या रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहे हाथी, तेंदुआ या अन्य जंगली जानवरों का पता लगाकर पहले ही चेतावनी दे सकेगा, जिससे दोनों पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
वन्यजीव अनुसंधान में सहायता: जानवरों की गतिविधियों, उनके रहन-सहन और संख्या पर एकत्रित डेटा वैज्ञानिक अध्ययन के लिए मूल्यवान साबित होगा।
हरियाणा सरकार का यह नवाचारी कदम वन्यजीव प्रबंधन में तकनीक के एकीकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। कलेसर नेशनल पार्क में एआई निगरानी प्रणाली की स्थापना न सिर्फ संरक्षण प्रयासों को और प्रभावी बनाएगी, बल्कि यह देश के अन्य वन्यजीव अभयारण्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करेगी। इससे पार्क के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा तो होगी ही, साथ ही पर्यटकों और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
Kalesar National Park को सुरक्षित रखने अधिकारियों का दृष्टिकोण
पंचकूला की मुख्य वन संरक्षक बी. निवेदिता ने बताया कि यह तकनीक जंगलों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाने में भी मददगार साबित होगी।
तकनीकी संरचना
दो स्मार्ट टावर स्थापित किए जाएंगे
एक 42 मीटर ऊँचा टावर जंगल के मध्यभाग में।
दूसरा टावर वन विभाग के कार्यालय परिसर में।
इन टावरों पर लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे, थर्मल सेंसर और अन्य संवेदक रीयल-टाइम डेटा एकत्रित करेंगे।
एआई सॉफ्टवेयर इस डेटा का तुरंत विश्लेषण कर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करेगा।



