Haryana News- हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा के दायरे को सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी संख्या में बीपीएल राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। पिछले छह महीनों में यह संख्या 11.83 लाख के पार पहुँच गई है, जिससे सरकारी योजनाओं के लाभ केवल जरूरतमंदों तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया गया है।
इस छँटाई का सरकारी आधार: इनकम और संपत्ति के मानदंड
राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, नवंबर 2025 तक राज्य में बीपीएल कार्डधारक परिवारों की संख्या घटकर मात्र 40.66 लाख रह गई है, जबकि अप्रैल 2025 में यह संख्या 52.50 लाख से अधिक थी। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “कार्ड रद्द करने का निर्णय कई मानदंडों पर आधारित है। यदि किसी परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक पाई जाती है, उसका वार्षिक बिजली बिल 30,000 रुपये से ज्यादा है, उसके पास 400 गज से अधिक जमीन है या फिर दोपहिया/चार पहिया वाहन है, तो ऐसे परिवार बीपीएल श्रेणी में नहीं आते। हमारा लक्ष्य है कि सब्सिडी वाला राशन सही हाथों में जाए।”
हरियाणा में अक्टूबर-नवंबर में आई तेजी
इस पूरी प्रक्रिया में पिछले दो महीने विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे हैं। अकेले अक्टूबर और नवंबर महीनों में कुल 4.73 लाख से अधिक बीपीएल कार्ड रद्द किए गए। इनमें से अक्टूबर में 3.28 लाख कार्ड रद्द होने से लगभग 7.51 लाख लोग प्रभावित हुए, जबकि नवंबर में 1.45 लाख कार्ड काटे जाने का असर 5.38 लाख लोगों पर पड़ा। यह आँकड़ा दर्शाता है कि योग्यता की जाँच की प्रक्रिया और तेज हुई है।
हरियाणा के जिलावार आँकड़ों से साफ हुई तस्वीर
हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई का असर राज्य के हर जिले में देखने को मिला है। फरीदाबाद में सबसे अधिक 44,575 कार्ड रद्द किए गए। गुरुग्राम (36,036) और हिसार (34,731) जैसे जिले भी इस मामले में अग्रणी रहे। वहीं, सिरसा (26,005), सोनीपत (25,574), करनाल (27,219) और पानीपत (21,101) में भी बड़ी संख्या में अयोग्य पाए गए परिवारों के कार्ड काटे गए। यह विस्तृत जिलावार डेटा इस बात का प्रमाण है कि यह कार्रवाई किसी एक क्षेत्र तक सीमित न होकर पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर की गई है।
हरियाणा जिलावार बीपीएल कार्ड कटौती के आंकड़े (अक्टूबर–नवंबर) 👇
| क्रमांक | जिला | कटौती किए गए बीपीएल कार्ड (संख्या) |
|---|---|---|
| 1 | अंबाला | 18,659 |
| 2 | चरखी दादरी | 11,582 |
| 3 | फरीदाबाद | 44,575 |
| 4 | फतेहाबाद | 15,439 |
| 5 | गुरुग्राम | 36,036 |
| 6 | हिसार | 34,731 |
| 7 | झज्जर | 19,683 |
| 8 | जींद | 22,382 |
| 9 | कैथल | 17,555 |
| 10 | करनाल | 27,219 |
| 11 | कुरुक्षेत्र | 17,504 |
| 12 | महेंद्रगढ़ | 19,468 |
| 13 | नूंह | 11,696 |
| 14 | पलवल | 15,853 |
| 15 | पंचकुला | 8,579 |
| 16 | पानीपत | 21,101 |
| 17 | रेवाड़ी | 18,253 |
| 18 | रोहतक | 20,278 |
| 19 | सिरसा | 26,005 |
| 20 | सोनीपत | 25,574 |
| 21 | यमुनानगर | 17,550 |
| 22 | भिवानी | 23,325 |
छँटाई प्रक्रिया अभी जारी रहने का संकेत
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीपीएल सूची की इस शुद्धिकरण की प्रक्रिया को भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक धन का दुरुपयोग रोकना और राज्य के वास्तविक गरीब परिवारों तक सहायता पहुँचाना है। इस कदम से न केवल सरकारी खजाने की बचत होगी, बल्कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। भविष्य में और अधिक डिजिटल और डेटा-आधारित जाँच प्रणालियों को शामिल करके इस प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने की योजना है।



