लखनऊ Ganga Expressway । उत्तर प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण अब लगभग पूरा हो चुका है। मेरठ से प्रयागराज तक फैले इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को प्रदेश का सबसे बड़ा हाईवे प्रोजेक्ट माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर के पहले सप्ताह में इसका ट्रायल रन किया जाएगा और जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह तक प्रधानमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन किए जाने की संभावना है।
Ganga Expressway निर्माण कार्य लगभग पूरा
Ganga Expressway के तीसरे खंड, उन्नाव-हल्द्वानी सेक्शन में मात्र छह प्रतिशत कार्य शेष रह गया है। बाकी हिस्सों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस विशाल परियोजना के तहत कुल 1498 बड़े स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, जिनमें से 1497 का काम पूरा हो चुका है। मेरठ से बदायूं तक के प्रथम सेक्टर में 129 किलोमीटर लंबाई में 322 बड़े स्ट्रक्चर तैयार किए गए हैं। सिंभावली सहित सभी स्थानों पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
यूपीडा अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में ट्रायल रन पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद अंतिम परीक्षण कर जनवरी में उद्घाटन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
औद्योगिक विकास को Ganga Expressway से नई रफ्तार
Ganga Expressway का निर्माण पूरा होने के बाद मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेशकों को बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध होगी।
यह Ganga Expressway परियोजना 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है और इसके लिए 7453.13 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इसका विस्तार हरिद्वार तक किया जाएगा, जिससे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन और भी सुगम हो जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और आपातकालीन सुविधाएं
गंगा एक्सप्रेसवे को छह लेन में बनाया गया है, जहां वाहनों की सामान्य रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी। इस हाईवे पर पांच स्थानों पर लड़ाकू विमान उतारने योग्य स्ट्रक्चर तैयार किए गए हैं। शाहजहांपुर के जलालाबाद में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा तीन और स्थानों पर ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना के लिए उपयोगी साबित होगी।
सिंभावली सेक्शन में कार्य पूरा
सिंभावली में रेलवे ट्रैक पर अधूरा पड़ा कार्य भी अब पूरा कर लिया गया है। पिछले दो महीनों में इस मुद्दे पर कई बार अधिकारियों की बैठक हुई थी। शुक्रवार को यूपीडा को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है, जिससे ट्रायल रन का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि ट्रायल से पहले विशेषज्ञों की मौजूदगी में विभागीय परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अंतिम ट्रायल और उद्घाटन की तारीखों का एलान किया जाएगा।
परियोजना की वर्तमान स्थिति
- हाईवे निर्माण की कुल स्थिति: लगभग 96% पूरा
- मुख्य कैरिजवे का कार्य: 99% पूरा
- मेरठ-बदायूं सेक्शन: 130 किलोमीटर ट्रायल के लिए तैयार
- प्रस्तावित ट्रायल रन: दिसंबर का पहला सप्ताह
- उद्घाटन: जनवरी 2026 का दूसरा सप्ताह
- यात्रा समय: मेरठ से प्रयागराज केवल 6 घंटे
Ganga Expressway का निर्माण प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा। यह न केवल आवागमन को आसान बनाएगा बल्कि औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभाएगा। यूपीडा अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर में ट्रायल रन पूरा कर जनवरी में उद्घाटन कराया जाएगा। एडीएम संदीप कुमार ने बताया, “हमारा प्रयास है कि दिसंबर में ट्रायल कराकर जनवरी में इसका उद्घाटन करा लिया जाए। शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।”
इस Ganga Expressway परियोजना के पूरा होने के बाद मेरठ से प्रयागराज की दूरी मात्र छह घंटे में तय की जा सकेगी, जो प्रदेशवासियों के लिए एक नई सुविधा और विकास की दिशा में बड़ा कदम होगा।



