Traffic Challan Law, नई दिल्ली। अगर आप ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद मिले चालान को हल्के में लेते हैं और “बाद में देख लेंगे” की मानसिकता से काम करते हैं, तो अब सावधान हो जाने का समय आ गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) भुगतान सुनिश्चित करने और सड़क अनुशासन बढ़ाने के लिए मोटर वाहन नियमों में कड़े संशोधन प्रस्तावित कर रहा है। इन नए नियमों के मसौदे के अनुसार, बकाया चालान न चुकाने पर वाहन का पंजीकरण (RC) रद्द और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निलंबित किया जा सकेगा।
- ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) में 45 दिन का अंतिम मौका: भुगतान या चुनौती
- वाहन और सारथी पोर्टल पर लॉक: सभी RTO सेवाएं बंद
- ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) को लेकर यूपी में पहले से शुरू हुई कार्रवाई, आंकड़े चौंकाने वाले
- ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) दोहराए जाने वाले उल्लंघनकर्ताओं के लिए कठोर सजा
- चिंताजनक हैं चालान वसूली के आंकड़े
ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) में 45 दिन का अंतिम मौका: भुगतान या चुनौती
सरकार द्वारा राज्यों के परामर्श के लिए भेजे गए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक, चालान जारी होने के बाद वाहन स्वामी या चालक के पास 45 दिनों का समय होगा। इस अवधि में उन्हें या तो जुर्माने की राशि का भुगतान करना होगा, या फिर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से चालान को चुनौती देनी होगी। यदि निर्धारित समय सीमा में न तो भुगतान होगा और न ही कोई आपत्ति दर्ज होगी, तो चालान को स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
वाहन और सारथी पोर्टल पर लॉक: सभी RTO सेवाएं बंद
नए प्रस्तावों का सबसे कड़ा पहलू यह है कि बकाया चालान वाले वाहनों और लाइसेंस धारकों को RTO से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाओं से वंचित कर दिया जाएगा। ऐसे वाहनों और लाइसेंस को केंद्रीकृत ‘वाहन’ और ‘सारथी’ पोर्टल पर “लेन-देन के लिए अयोग्य” चिह्नित कर दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि न तो RC नवीनीकरण होगा, न ही लाइसेंस नवीकरण। वाहन स्वामित्व हस्तांतरण, पते में बदलाव जैसी कोई भी सेवा अवरुद्ध हो जाएगी।
ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) को लेकर यूपी में पहले से शुरू हुई कार्रवाई, आंकड़े चौंकाने वाले
इन केंद्रीय नियमों के लागू होने से पहले ही कुछ राज्यों ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के लंबित चालान (Traffic Challan)वाले 3,01,410 वाहनों और 58,893 लाइसेंस धारकों की पहचान की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पांच या अधिक बकाया चालान वाले वाहनों की RC को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, जिससे सड़क पर उनकी उपस्थिति स्वतः ही गैरकानूनी हो जाएगी।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ अमित चौधरी कहते हैं, “यह कदम स्वैच्छिक अनुपालन से बाध्यकारी जवाबदेही की ओर एक बड़ा बदलाव है। चालान की वसूली दर में वृद्धि न केवरल राजस्व के लिए, बल्कि सड़क अनुशासन और दुर्घटनाओं में कमी के लिए भी महत्वपूर्ण है।”
ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) दोहराए जाने वाले उल्लंघनकर्ताओं के लिए कठोर सजा
प्रस्ताव में दोहराए जाने वाले ट्रैफिक नियम उल्लंघनकर्ताओं के लिए विशेष प्रावधान रखे गए हैं। यदि कोई व्यक्ति लगातार तीन महीने तक चालान का भुगतान नहीं करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। इसके अलावा, यदि किसी वर्ष में किसी चालक के खिलाफ लाल बत्ती पार करने या खतरनाक ड्राइविंग के तीन या अधिक गंभीर चालान दर्ज होते हैं, तो उसका लाइसेंस कम से कम तीन महीने के लिए जब्त किया जा सकता है।
चिंताजनक हैं चालान वसूली के आंकड़े
यह सख्ती देश में चालान वसूली की निराशाजनक दर को देखते हुए आवश्यक समझी जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में केवल 40% चालानों का ही भुगतान प्राप्त हो पाता है। राज्यवार देखें तो दिल्ली में यह दर मात्र 14%, कर्नाटक में 24% और तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश में 27% ही है। 2021 में जहां 67 लाख ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) काटे गए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 1.36 करोड़ हो गई, लेकिन वसूली की राशि केवल 105 करोड़ रुपये के आसपास ही रही।
ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) के नए नियमों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन चुनौती देने की सुविधा भी शामिल है। यदि चालान गलत तरीके से जारी किया गया है, तो व्यक्ति 30 दिनों के भीतर उसे चुनौती दे सकता है। अधिकारी द्वारा निर्धारित समय में फैसला न होने पर चालान स्वतः रद्द हो जाएगा।
इन प्रस्तावित परिवर्तनों का स्पष्ट उद्देश्य ट्रैफिक नियमों के प्रति एक गंभीर और जवाबदेह रवैया विकसित करना है। यदि ये नियम अंतिम रूप लेते हैं, तो चालान को नजरअंदाज करने की लापरवाही वाहन स्वामियों और चालकों को भारी पड़ सकती है। यह सड़क सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक सुविचारित और सशक्त पहल साबित हो सकती है।



