Haryana Halchal News- बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नितीश सरकार अलग अंदाज में राजनीति करते दिखाई दे रहें है. कई तरह की कैबिनेट बैठकों के बीच बहुत सी योजनाओं को हरी झंडी दी जा रही है. बीते दिन मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार के विकास के लिए कुल 26 एजेंडों पर तुरंत प्रभाव के फैसले लिए गए हैं। इस सूची में उद्योग, ऊर्जा, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़ी बहुत सी योजनाओं को हरी झंडी दी गई।
नितीश सरकार ने किसान सलाहकारों को दिया तोहफा
बीते दिन मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बिहार के किसान सलाहकारों के पदों पर कार्य करने वालों के मानदेय में बढ़ोतरी हुई है। अब राज्य स्कीम मद से किसान सलाहकारों को मिलने वाले मानदेय में बढ़ोतरी हुई है. और अब 13,000 रुपये से बढ़ाकर इसको 21,000 रुपये प्रतिमाह तक कर दिया है।
बैठक में इस फैसले के तहत अतिरिक्त 67 करोड़ 87 लाख 10 हजार 736 रुपये की निकासी और व्यय को तुरंत प्रभाव से मंजूरी मिली है। बिहार सरकार द्वारा माना जा रहा है कि सरकार का यह कदम न सिर्फ किसान सलाहकारों को आर्थिक रूप से मजबूती देगा, तो दूसरी ग्रामीण स्तर पर किसानों तक सभी सरकार की योजनाओं को अधिक सही ढंग से पहुँचाया जा सकेगा.
मंगलवार की इस बैठक में नितीश सरकार ने इसके साथ ही बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 को भी मंजूरी दे दी है। वहीं, बिहार के भोजपुर, शेखपुरा, रोहतास और शिवहर समेत कई जिलों में सैकड़ों एकड़ जमीन पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
राजधानी पटना, दरभंगा, शेखपुरा और कई जिलों में सैकड़ों करोड़ की लागत से सड़क और पुल निर्माण की योजनाओं को भी इस बैठक में हरी झंडी मिली है। बैठक में फैसला लिया गया कि बिहार राज्य सरकार के कब्जे वाली भूमि में अब जगनपुरा मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग को सशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा।
बिहार ऊर्जा विभाग को भी कई तरह की सौगात
इसके साथ ही बिहार ऊर्जा विभाग को भी बड़ी राहत मिली है। कैबिनेट बैठक में बिहार राज्य जल विद्युत निगम की 12 निर्माणाधीन योजनाओं पर भी अब बड़ा फैसला लिया है। इनमें से राज्य में तेजपुरा, डेहरा, सिपहा, वलिदाद, पहरमा, मथौली, राजापुर, अमेठी और डेहरी स्केप जैसी कुल 9 परियोजनाओं के लिए संशोधित बजट के रूप में 166.81 करोड़ रुपये की मंजूरी भी अब दी गई है। तो वहीं दूसरी और बरबल, रामपुर और नटवार की 3 परियोजनाओं को बंद करने की स्वीकृति प्रदान भी की गई है।
वहीं, कैबिनेट ने राज्य के वैशाली जिले में एक पांच सितारा आलिशान होटल बनाने और चलाने की योजना पर फिर से निर्णय लिया है। और अब यह प्रोजेक्ट जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को भी नितीश सरकार द्वारा मंजूरी दी गई है।
नितीश सरकार कैबिनेट की चौथी बैठक
बिहार की नीतिश सरकार की अकेले अगस्त महीने की ये चौथी कैबिनेट बैठक थी। सरकार की इन बैठकों में लगातार औद्योगिक निवेश, सड़क-पुल निर्माण, शिक्षा-स्वास्थ्य, बिजली और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी मिल रही है। नितीश सरकार इन फैसलों को विकास की गाड़ी तेज़ करने की कोशिश बता रही है, वहीं देश और बिहार राज्य का विपक्ष इसे साफ चुनावी रणनीति कह रहा है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि नीतीश सरकार देर से जागी है और अब राज्य की जनता को लुभाने के लिए चुनाव से इतना पहले घोषणाओं की झड़ी लगा रही है।

