Bharat Taxi:,नई दिल्ली: देश की सड़कों पर अब एक नया मॉडल दस्तक देने जा रहा है। यह मॉडल है सहकारिता का, जहां टैक्सी चालक सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि सेवा के सह-मालिक बनेंगे। ‘Bharat Taxi’ नामक यह अभिन्न पहल देश की पहली राष्ट्रीय सहकारी टैक्सी सेवा है, जिसके दिसंबर महीने में राष्ट्रव्यापी होने की उम्मीद है। इसका पायलट प्रोजेक्ट नवंबर में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 650 ‘सारथियों’ (ड्राइवरों) के साथ शुरू होगा और फिर इसे धीरे-धीरे पूरे देश में विस्तारित किया जाएगा।
- Bharat Taxi से एक सहकारी सपना: विजन और वास्तविकता
- ड्राइवरों के लिए वरदान शत-प्रतिशत कमाई का अवसर
- महिला सशक्तिकरण: सड़कों पर नई ‘सारथी’
- यात्रियों के लिए सुरक्षा और पारदर्शिता
- भविष्य की रोडमैप: 2030 तक का सफर
- हिमाचल की वादियों में गूंजेगा सैलानियों का शोर, बर्फबारी ने बढ़ाई कारोबार की उम्मीदें, एडवांस बुकिंग में तेजी
Bharat Taxi से एक सहकारी सपना: विजन और वास्तविकता
यह परियोजना सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन की संयुक्त पहल का परिणाम है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल इंडिया की भावना को आगे बढ़ाते हुए एक ऐसा मंच तैयार करना है, जो न सिर्फ यात्रियों को सुरक्षित और सस्ती सेवा प्रदान करे, बल्कि ड्राइवरों की आय में भी स्थिरता लाए। वर्तमान में चल रही ओला और उबर जैसी निजी एप-आधारित सेवाओं में सुरक्षा और उच्च कमीशन को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। Bharat Taxi सीधे तौर पर इन चुनौतियों से निपटने का प्रयास करती है।
इसके संचालन की जिम्मेदारी सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड पर होगी, जिसकी स्थापना जून में 300 करोड़ रुपये की अधिकृत पूंजी के साथ हुई थी। इसकी एक संचालन परिषद् गठित की गई है, जिसमें अमूल के प्रबंध निदेशक श्री जयेन मेहता को अध्यक्ष और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के उप प्रबंध निदेशक श्री रोहित गुप्ता को उपाध्यक्ष बनाया गया है। परिषद् की पहली बैठक 16 अक्टूबर को आयोजित की जा चुकी है, जिसमें इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा पर अंतिम मुहर लगाई गई।
ड्राइवरों के लिए वरदान शत-प्रतिशत कमाई का अवसर
Bharat Taxi का सबसे आकर्षक पहलू इसका राजस्व मॉडल है। मौजूदा निजी प्लेटफॉर्म्स पर ड्राइवरों को प्रत्येक राइड पर 20-25% तक का कमीशन देना पड़ता है। Bharat Taxi में यह कमीशन शून्य प्रतिशत होगा। ड्राइवरों को हर सफर की पूरी कमाई मिलेगी। बदले में उन्हें एक सामान्य सदस्यता शुल्क का भुगतान करना होगा, जो दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर हो सकता है। इससे ड्राइवरों की आय में उल्लेखनी्य वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही, सहकारी समिति के सदस्य के तौर पर वे भविष्य में लाभांश के भी हकदार बनेंगे।
महिला सशक्तिकरण: सड़कों पर नई ‘सारथी’
सुरक्षा और रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर इस परियोजना में विशेष जोर दिया गया है। ‘महिला सारथी’ कार्यक्रम के तहत पहले चरण में 100 महिला ड्राइवरों को इससे जोड़ा जाएगा। लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 15 हजार महिला ड्राइवर इस टैक्सी सेवा का हिस्सा बनें। इन्हें 15 नवंबर से विशेष प्रशिक्षण और बीमा सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे पूरी दक्षता और आत्मविश्वास के साथ इस पेशे में अपना योगदान दे सकें।
यात्रियों के लिए सुरक्षा और पारदर्शिता
यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस Bharat Taxi एप को पुलिस थानों के सिस्टम से एकीकृत किया जाएगा। इसमें एक डिस्ट्रेस बटन की सुविधा होगी, जिसके दबाते ही तुरंत मदद पहुंच सकेगी। कीमतों के मामले में भी यह सेवा अधिक पारदर्शी और स्थिर रहेगी। निजी एप्स की तरह इसमें पीक आवर्स के दौरान डायनामिक प्राइसिंग नहीं होगी, बल्कि यात्रियों से एक निर्धारित और उचित दर वसूली जाएगी। एप हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में उपलब्ध होगा।
भविष्य की रोडमैप: 2030 तक का सफर
Bharat Taxi की योजना चरणबद्ध तरीके से विस्तार की है। दिसंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच इसे राजकोट, मुंबई और पुणे जैसे शहरों में लॉन्च किया जाएगा, जहां 5 हजार ड्राइवरों को जोड़ा जाएगा। अप्रैल से दिसंबर 2026 के बीच लखनऊ, भोपाल और जयपुर में सेवा शुरू होगी और ड्राइवरों की संख्या बढ़कर 15 हजार हो जाएगी। वर्ष 2027-28 तक यह सेवा 20 शहरों में फैल चुकी होगी और 50 हजार ड्राइवरों के साथ पैन इंडिया स्तर पर उपलब्ध होगी। अंततः 2028-2030 के बीच इसका विस्तार जिला मुख्यालयों और ग्रामीण इलाकों तक होगा, जहां एक लाख से अधिक ड्राइवर लाखों यात्रियों की सेवा कर रहे होंगे।
Bharat Taxi केवल एक टैक्सी सेवा नहीं, बल्कि एक सामाजिक-आर्थिक प्रयोग है। यह सहकारिता की उस भावना को पुनर्जीवित करती है, जहां लाभ के बजाय सामूहिक कल्याण प्राथमिकता होती है। अगर यह परियोजना सफल रहती है, तो यह न सिर्फ भारत के परिवहन क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगी, बल्कि देश के सहकारी आंदोलन को भी एक नई दिशा प्रदान करेगी। पूरा देश अब देख रहा है कि कैसे यह ‘सहकार का रथ’ देश की सड़कों पर एक नए युग की शुरुआत करता है।



