Haryana ED Raid: हरियाणा के पानीपत जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कथित तौर पर “डंकी रूट” के जरिए भारतीय नागरिकों को अमेरिका भेजने के आरोपों से जुड़ी है। ED की टीम ने अहर-कुराना गांव में भाजपा नेता बलवान शर्मा, पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड और एजेंट प्रदीप के कई ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।
ED को BJP नेता के घर करोड़ों की बरामदगी
ED सूत्रों के अनुसार, छापेमारी में 2 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 300 किलो चांदी और 6 किलो सोना बरामद किया गया। इसके अलावा कई संपत्तियों के दस्तावेज, लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य रिकॉर्ड भी कब्जे में लिए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी अमेरिका भेजने के लिए मेक्सिको मार्ग का इस्तेमाल करते थे। इसके लिए वे ग्राहकों से प्रॉपर्टी या जमीन के कागजात गिरवी रखवाते थे, ताकि भुगतान सुनिश्चित रहे और कोई बीच में पीछे न हट सके।
पंचायत सचिव की भूमिका
पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड का नाम इस मामले में प्रमुखता से सामने आया है। वह खेल कोटे से सरकारी नौकरी में आया था और सर्कल कबड्डी खिलाड़ी भी रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसने अपने पद और संपर्कों का इस्तेमाल कर इस नेटवर्क को मजबूत किया।
ED की कई राज्यों में छापेमारी
ED ने पानीपत के अलावा पिहोवा, पंजाब और दिल्ली समेत 13 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर भी छापेमारी की। जालंधर जोनल ऑफिस की अलग-अलग टीमों ने रिची ट्रैवल्स (जालंधर), तरुण खोसला (दिल्ली) और बलवान शर्मा (पानीपत) से जुड़े परिसरों में तलाशी ली। यह कार्रवाई उन सूचनाओं के आधार पर की गई थी, जिनमें फरवरी 2025 में 330 भारतीयों को अमेरिका भेजे जाने की बात सामने आई थी।
कुरुक्षेत्र में भी हुई थी रेड
इससे पहले ED ने कुरुक्षेत्र में भी छापेमारी की थी। उस दौरान पिहोवा का एक एजेंट फरार हो गया था। जानकारी के अनुसार, पिछले महीने एजेंट विशाल चावला के घर चोरी हुई थी, जिसमें करीब 5 लाख रुपये, विदेशी करेंसी और ज्वैलरी चुराई गई थी। माना जा रहा है कि रेड से पहले ही एजेंट फरार हो गया था।
हिमाचल, हरियाणा और पंजाब के आरोपी रडार पर
ED की जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार हिमाचल, हरियाणा और पंजाब तक फैले हुए हैं। कई एजेंट और सहयोगी इस रैकेट में शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी अब इन राज्यों में भी संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
डंकी रूट का जाल
“डंकी रूट” के जरिए भारतीय नागरिकों को अवैध रूप से अमेरिका भेजने का मामला पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। इसमें लोगों को पहले मेक्सिको ले जाया जाता है और फिर वहां से अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश कराया जाता है। इस प्रक्रिया में भारी रकम वसूली जाती है और कई बार लोगों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है।
पानीपत में ED की छापेमारी ने एक बार फिर से अवैध इमिग्रेशन नेटवर्क की गंभीरता को उजागर किया है। भाजपा नेता और पंचायत सचिव जैसे स्थानीय प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने से मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। एजेंसी अब बरामद नकदी, सोना-चांदी और दस्तावेजों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।



