Aaj Ka Sarso Ka Bhav: सरसों को लेकर ताजा मंडी भावों में जारी गतिविधियों के आँकड़ों के विश्लेषण से यह साफ़ पता चलता है कि राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव में स्पष्ट रूप से मिला जुला को मिले। जहाँ भरतपुर संभाग की अधिकांश मंडियों में मामूली तेजी दर्ज की गई, वहीं सोंख, सुमेरपुर और हिंडौन जैसी मंडियों में मंदी का दबाव बना रहा। बाजार की दिशा मुख्य रूप से आवक के स्तर और स्थानीय मांग पर निर्भर रही।
देश भर के राज्यों में सरसों मंडी भाव और रुझान
- राजस्थान की मंडियों में स्थिरता और तेजी का असर
राजस्कीथान की प्रमुख मंडियों—भरतपुर, कामां, कुम्हेर, नदबई, नगर, और कोटा—ने सरसों में एकसमान रुझान दिखाया। इन सभी मंडियों में सरसों का भाव ₹6,831 प्रति क्विंटल पर कारोबार करता देखा गया, जिसमें ₹6 की मामूली तेजी दर्ज की गई। यह एकत्रित रुझान इस बात का संकेत देता है कि इस कृषि-जलवायु क्षेत्र में आपूर्ति और मांग में एक स्वस्थ संतुलन बना हुआ है।
सोंख मंडी में सबसे अधिक मंदी देखी गई, जहाँ सामान्य भाव ₹50 गिरकर ₹7,000 और 42% कंडीशन भाव ₹70 गिरकर ₹6,890 प्रति क्विंटल पर आ गया। इसी तरह, सुमेरपुर में 42% कंडीशन सरसों में ₹15 की मंदी दर्ज की गई। हिंडौन मंडी में भी ₹80 की महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई। इन मंडियों में अपेक्षाकृत बेहतर आवक (सुमेरपुर में 3000 बोरी) ने मंदी के दबाव को जन्म दिया।
- हरियाणा राज्य की मंडियों में मंदी का रुख
हरियाणा की मंडियों में रुझान अलग-अलग रहे। हिसार मंडी में भाव ₹6,600-₹6,700 प्रति क्विंटल के स्तर पर स्थिर रहे, जहाँ आवक 100-150 बोरी दर्ज की गई। वहीं, चरखी दादरी मंडी में ₹25 की गिरावट के साथ भाव ₹7,225 प्रति क्विंटल पर पहुँच गया। इससे पता चलता है कि मांग में क्षेत्रीय अंतर है।
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मध्य प्रदेश: सीमित आवक के साथ स्थिर भाव
मध्य प्रदेश की मंडियों में ग्वालियर में कंडीशन भाव ₹6,900 प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा, और खास बात यह रही कि मंडी में नई आवक शून्य बोरी थी। मोरेना में 100 बोरी की आवक के साथ, मंडी भाव ₹6,800 और कंडीशन भाव ₹6,900 प्रति क्विंटल पर दर्ज किया गया। सीमित आवक ने भावों को सहारा दिया।
तेल और खल में मिला-जुला रुख
सरसों तेल: चरखी दादरी में एक्सपेलर तेल का भाव ₹3 की मंदी के साथ ₹1,512 प्रति क्विंटल रहा, जबकि सुमेरपुर में यह ₹5 गिरकर ₹1,480 हो गया। हालाँकि, श्री गंगानगर और गंगापुर सिटी जैसी मंडियों में तेल के भाव स्थिर बने रहे। कच्ची घानी तेल का भाव आमतौर पर एक्सपेलर तेल से ₹20-₹40 प्रति क्विंटल ऊँचा बना रहा।
सरसों की खल: खल के भाव में सामान्य स्थिरता देखी गई। चरखी दादरी और सुमेरपुर में भाव क्रमशः ₹2,410 और ₹2,490 प्रति क्विंटल पर टिका रहा। सोंख में खल का भाव ₹2,600 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो अन्य मंडियों की तुलना में कुछ ऊँचा है।
आवक का मंडी के भावों पर सीधा प्रभाव
आज के मंडी रुझानों में आवक का स्तर एक मुख्य कारण रहा। जिन मंडियों में आवक कम या स्थिर रही, जैसे भरतपुर क्षेत्र और ग्वालियर, वहाँ भावों को सहारा मिला या मामूली तेजी देखी गई। वहीं, दूसरी ओर, जहाँ आवक में वृद्धि हुई, जैसे सुमेरपुर (3000 बोरी) और अलवर (4000 बोरी), वहाँ भावों में मंदी का दबाव स्पष्ट था। अलवर में भारी आवक के बावजूद भाव का ₹6,900-₹6,950 के स्तर पर टिके रहना एक मजबूत आधार स्तर की ओर इशारा करता है।
कुल मिलाकर, आज का सरसों बाजार क्षेत्रीय कारकों से प्रभावित रहा। भरतपुर और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मजबूती दिखाई दी, जबकि राजस्थान के अन्य इलाकों में मंदी देखी गई। प्लांट्स के भाव (शारदा: ₹7,400, बीपी आगरा: ₹7,425) का मंडी भावों से ऊपर रहना देश प्रोसेसिंग इकाइयों में निरंतर मांग को दर्शाता है।
अगले कारोबारी सत्र में, व्यापारी नई फसल के आगमन के संकेतों पर नजर रखेंगे। मंडियों में आवक का स्तर तात्कालिक भाव निर्धारण के लिए प्रमुख कारक बना रहेगा। व्यापक स्तर पर, बाजार में सतर्कता बनी हुई है, और भाव में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना कम दिखाई दे रही है।



