Haryana Weather, हरियाणा हलचल न्यूज डेस्क- हरियाणा राज्य के निवासियों के लिए दिसंबर इस सप्ताह का आरंभ ठंड की और मजबूत पकड़ के साथ हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है, जिससे सर्दी का अहसास और बढ़ सकता है। विभाग ने राजस्थान की सीमा से लगे छह जिलों—सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और नारनौल—के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जहां तापमान में उल्लेखनीय गिरावट और हल्की से मध्यम शीतलहर की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग मुताबिक यह ठंड का प्रकोप उत्तर एवं उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही सर्द हवाओं के कारण है, जो पहाड़ी इलाकों से सीधे राज्य के मैदानी भागों में प्रवेश कर रही हैं। इसका सीधा असर रात एवं सुबह के तापमान पर देखने को मिल रहा है, जो सामान्य से नीचे दर्ज किए जा रहे हैं।
हरियाणा तापमान में उतार-चढ़ाव का रिकॉर्ड
मंगलवार को हरियाणा प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसत से 0.6 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। वहीं, न्यूनतम तापमान में गिरावट का आंकड़ा और अधिक रहा, जो लगभग 2.1 डिग्री सेल्सियस रहा। इस ठंड की मार का सबसे स्पष्ट प्रभाव महेंद्रगढ़ में देखा गया, जहां न्यूनतम पारा 5.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। नारनौल में 5.8 डिग्री और हिसार में 6.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
दिन के समय भी ठंड का असर बना रहा। यमुनानगर जिले के हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में अधिकतम तापमान मात्र 20.6 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो राज्य में सबसे कम दिन का तापमान था। इसके विपरीत, भिवानी में 26.9 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो क्षेत्रीय तापमान में भिन्नता को दर्शाता है।
हरियाणा में मौसम को लेकर आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “वर्तमान में चल रही उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण अगले 48 घंटों में रात के तापमान में और गिरावट संभव है। इससे ठंड का प्रभाव बना रहेगा।” हालांकि, एक नया मोड़ 12 दिसंबर से आने की संभावना है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ राज्य की ओर बढ़ रहा है, जिसके दस्तक देते ही अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिसका अर्थ है कि दिन भी अपेक्षाकृत ठंडे रह सकते हैं।
नागरिकों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने पीले अलर्ट वाले जिलों के निवासियों, विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और खुले में कार्य करने वाले श्रमिकों से सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। रात में एवं सुबह के समय गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलने, शरीर को ढककर रखने तथा आवश्यकता से अधिक समय ठंड में बिताने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी अपनी फसलों की उचित देखभाल के लिए मौसम अपडेट पर नजर रखने की सिफारिश की गई है।



