Haryana News- हरियाणा सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक और जन-हितैषी निर्णय लिया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी नई नीति में पानी तथा सीवर कनेक्शन शुल्क, मीटर लगाने का खर्च और सड़क कटिंग चार्ज से जुड़े नियमों को सरल और किफायती बनाया गया है। यह नई व्यवस्था 1 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी हो चुकी है, जिससे आम जनता को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
पानी और सीवर कनेक्शन के लिए नागरिकों के लिए दो आकर्षक विकल्प
इस नई नीति की जानकारी देते हुए नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त श्री प्रदीप दहिया ने बताया कि अब नगर निगम क्षेत्र और उसके अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों के निवासियों के पास पानी व सीवर कनेक्शन लेने के लिए दो स्पष्ट विकल्प होंगे। यह कदम नागरिकों की सुविधा और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
पानी और सीवर कनेक्शन के पहला विकल्प: एकमुश्त भुगतान
इस विकल्प के तहत नागरिक मात्र 1000 रुपये का एकमुश्त भुगतान कर पानी का कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, सीवर कनेक्शन के लिए यह राशि केवल 500 रुपये निर्धारित की गई है। हालाँकि, इस विकल्प में उपभोक्ता को पानी के उपभोग पर लागू टैरिफ के अनुसार मासिक शुल्क देना होगा। साथ ही, कनेक्शन लगवाने में आने वाली संपूर्ण सामग्री और श्रम लागत का वहन भी स्वयं उपभोक्ता को ही करना होगा।
पानी और सीवर कनेक्शन का दूसरा विकल्प: बिना एकमुश्त शुल्क के
यह विकल्प विशेष रूप से उन परिवारों के लिए डिजाइन किया गया है जो एक बार में बड़ी राशि का भुगतान नहीं कर सकते। इसके अंतर्गत उपभोक्ता से कोई एकमुश्त कनेक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बदले में, उनके मासिक बिल में दो छोटी-छोटी राशियाँ जोड़ी जाएँगी। पानी व सीवर कनेक्शन शुल्क के रूप में 10 रुपये प्रति माह की राशि 15 वर्षों तक वसूली जाएगी। यदि मीटर विभाग द्वारा लगाया जाता है, तो उसकी लागत के रूप में 25 रुपये प्रति माह का शुल्क 6 वर्षों की अवधि के लिए लिया जाएगा।
यदि घर में पहले से ही एक कार्यशील मीटर लगा हुआ है, तो यह अतिरिक्त शुल्क माफ होगा। इस विकल्प का सबसे बड़ा लाभ यह है कि सारी सामग्री और श्रम लागत विभाग वहन करेगा। साथ ही, यदि मीटर विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाता है तो उसकी टेस्टिंग फीस भी माफ रहेगी। इस प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम जल्द ही मीटर स्थापना के लिए एजेंसियों का एंपैनलमेंट भी करेगा।
सड़क कटिंग शुल्क में पांच साल की छूट
सरकार ने सड़क कटिंग शुल्क को लेकर भी एक बड़ी रियायत दी है। नई अधिसूचना के मुताबिक, अगले पांच वर्षों तक किसी भी नागरिक से रोड कट चार्ज नहीं लिया जाएगा। यह छूट निश्चित रूप से नागरिकों के लिए एक बोझ कम करेगी। हालाँकि, इस छूट का लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा, जो अपने कनेक्शन पर घरेलू पानी मीटर लगवाने के लिए तैयार होंगे। यदि कोई नागरिक मीटर लगवाने से इनकार करता है, तो उसे पूरा रोड कट चार्ज स्वयं वहन करना होगा। नई नीति के साथ-साथ, वर्ष 2011 की अधिसूचना की अन्य सभी शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।
नागरिक हित में उठाया गया सार्थक कदम
आयुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, यह निर्णय नागरिकों को बेहतर, सस्ती और सुगम सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य अवैध कनेक्शनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करके उन्हें मुख्यधारा में लाना, सेवाओं का दायरा बढ़ाना और पारदर्शिता लाना है। सरकार को पूरी उम्मीद है कि इस नीति से न केवल नागरिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि विभागीय राजस्व में भी स्थिरता आएगी, जिसका सीधा असर सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के रूप में दिखेगा। यह नीति ‘सबके लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छता’ के सिद्धांत को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास साबित हो सकती है।



