Rohtak honour killing-रोहतक जिले के गाँव काहनी साढ़े 7 में बुधवार देर रात एक प्रेम-विवाह ने खूनी रूप ले लिया। दो साल पहले गाँव की ही रहने वाली सपना (24) ने पड़ोसी गाँव के युवक सूरज से कोर्ट मैरिज किया था। इसी रंजिश को लेकर सपना के सगे भाई संजू और उसके दोस्त राहुल तथा लपडिया ने घर में घुसकर सपना को सीने में गोली मार दी। बचाव में आए देवर साहिल (22) के पेट में भी गोली दागी। घायल को पीजीआई रोहतक ले जाते समय रास्ते में ही सपना ने दम तोड़ दिया।
सदर थाना पुलिस ने साहिल के बयान पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307 व 34 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वारदात के वक्त लगे सीसीटीवी कैमरे में हमलावर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, जिससे गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
कोर्ट मैरिज से उपजी थी दुश्मनी
सपना के पति सूरज ने बताया कि दोनों परिवार एक ही गाँव के पास के ढाणी इलाके में रहते थे। 2022 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर घर बसा लिया। सपना के भाई संजू को यह रिश्ता गवारा नहीं था। पति सूरज ने आरोप लगाया, “कई बार गाँव की चौपाल में धमकी दी कि ‘बहन का नाम मिटा देंगे।’” पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत ग्राम पंचायत और सदर थाने में भी की थी, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
बुधवार को रात करीब 12 बजे चार युवक लाठी-डंडों के साथ घर के मुख्य दरवाजे पर आए। सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि एक व्यक्ति ने गेट पर लगे ताले की चेकिंग की और फिर सीधे अंदर घुस गया। पति सूरज उस समय मंडी में सब्जी लाने गया था; घर पर सपना, उसकी सास निर्मला और देवर साहिल मौजूद थे।
गोली की आवाज़ से गूंजा पूरा मोहल्ला
साहिल ने पुलिस को बताया, “भाभी कमरे में चारपाई पर बैठी थीं। संजू ने दरवाजा खटखटाया और ‘बहन, बाहर आना’ कहा। जैसे ही सपना बाहर निकली, राहुल ने पिस्तौल निकालकर सीने पर फायर कर दिया। मैं दौड़ा तो लपडिया ने मुझे भी गोली मार दी।” आवाज सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हुए, लेकिन हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल पर भाग निकले। साहिल को गोली पेट के निचले हिस्से से होकर पीछे निकल गई; उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सपना को तुरंत 108 एंबुलेंस से पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने सीसीटीवी क्लिप से खुल रही है पहचान
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रवि देशवाल ने बताया कि वारदात वाले घर के अलावा गली के दो अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली गई है। “आरोपियों के चेहरे स्पष्ट हैं। संजू का मोबाइल लोकेशन भी घटना वाले समय वहीं दिखा रहा है। छापेमारी जारी है, 24 घंटे में गिरफ्तारी की उम्मीद है,” उन्होंने कहा। पुलिस ने परिवार को सुरक्षा के लिए एक होम-गार्ड भी तैनात किया है ताकि पुनः कोई अप्रिय घटना न हो।
प्रेम-विवाह की स्वीकृति कब?
स्थानीय समाजशास्त्री डॉ. सुनीता दलाल कहती हैं, “ग्रामीण समाज में आज भी जातीय और पारिवारिक गर्व प्रेम-विवाह या कोर्ट मैरिज के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है। जब तक पंचायतें और धार्मिक संस्थाएँ खुली चर्चा नहीं करतीं, ऐसी रंजिशें खून में बदलती रहेंगी।” मृतका की माँ निर्मला की आँखों में आँसू और गुस्सा दोनों हैं: “मेरी बेटी ने कोई जुर्म नहीं किया; उसे सिर्फ प्यार करने की सज़ा मिल गई।”
पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने परिवार को थोड़ी राहत दी है, लेकिन सवाल बड़ा है—क्या केवल गिरफ्तारी भर पर्याप्त है? विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेम-विवाह को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान, स्कूली पाठ्यक्रम में लैंगिक समानता और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया तीनों की जरूरत है। तब जाकर कोई सपना बिना डर के अपना घर बसा सकेगी।



