Petrol Diesel Price नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2025: देशभर के करोड़ों वाहन मालिकों और उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक दैनिक चिंता का विषय बनी हुई हैं। आज भी सुबह 6 बजे राष्ट्रीय तेल कंपनियों द्वारा घोषित नई दरों ने इस चिंता को कम नहीं किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति के आधार पर तय होने वाली ये कीमतें सीधे आमजन के मासिक बजट पर प्रहार करती हैं। ऐसे में, इन दरों पर नजर रखना न केवल आवश्यक है, बल्कि आर्थिक योजना बनाने के लिए एक जिम्मेदार नागरिक का कदम भी है।
राज्यवार अंतर के साथ देशभर में क्या हैं आज Petrol Diesel की दरें?
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले करों का सीधा प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण विभिन्न शहरों में इनके दामों में भारी अंतर देखने को मिलता है। आज 12 दिसंबर को देश के प्रमुख महानगरों में इन ईंधनों की कीमतें इस प्रकार हैं:
दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। वहीं, वित्तीय राजधानी मुंबई में पेट्रोल 103.50 रुपये और डीज़ल 90.03 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। कोलकाता और चेन्नई के उपभोक्ताओं को भी पेट्रोल 105.41 व 100.91 रुपये तथा डीजल 92.02 व 92.49 रुपये प्रति लीटर के दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
Petrol Diesel Price दक्षिण के शहरों में पेट्रोल 107 रुपये के पार, उत्तर में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर
आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण भारत के कुछ शहरों में पेट्रोल की कीमतें विशेष रूप से अधिक हैं। हैदराबाद में पेट्रोल आज 107.46 रुपये प्रति लीटर के उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जबकि वहां डीजल 95.70 रुपये लीटर है। बैंगलोर में भी पेट्रोल 102.92 रुपये प्रति लीटर है। इसके विपरीत, उत्तर भारत के कई शहरों जैसे लखनऊ (पेट्रोल: 94.84 रुपये), चंडीगढ़ (पेट्रोल: 94.30 रुपये) और अहमदाबाद (पेट्रोल: 94.49 रुपये) में कीमतें राजधानी दिल्ली के समान ही बनी हुई हैं।
जयपुर, पुणे, इंदौर और पटना जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमत 104 से 106 रुपये प्रति लीटर के बीच दर्ज की गई है, जो इन शहरों के निवासियों के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती पेश कर रही है। डीजल की कीमतें भी अधिकांश शहरों में 90 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर चुकी हैं, जिसका परिवहन और माल ढुलाई की लागत पर गहरा असर पड़ रहा है।
लगातार बढ़ती Petrol Diesel कीमतों से जनजीवन अस्त-व्यस्त, भविष्य में राहत की उम्मीद कम
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मांग-आपूर्ति के समीकरण के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में अस्थिरता जारी रहने की आशंका है। इसका सीधा प्रभाव भारतीय बाजार पर दिखाई देगा। सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क और राज्यों द्वारा मूल्य वर्धित कर (वैट) में किसी भी बड़ी कटौती के बिना, उपभोक्ताओं को इन ईंधनों पर भारी खर्च वहन करते रहना पड़ सकता है।
इससे न केवल व्यक्तिगत परिवहन लागत बढ़ेगी, बल्कि मुद्रास्फीति पर भी दबाव पड़ सकता है, क्योंकि डीजल की कीमतों का सीधा संबंध वस्तुओं की ढुलाई और उत्पादन लागत से है। ऐसे में, आने वाले दिनों में इन कीमतों में महत्वपूर्ण गिरावट की संभावना कम ही नजर आती है, और आम जनता को अपने खर्चों में समझदारी बरतने की आवश्यकता है।



