Gold Silver Price Today:नई दिल्ली, 23 दिसंबर 2025 तेजी का सिलसिला थम नहीं रहा। मंगलवार को Gold Silver ने फिर से ऑल-टाइम हाई बनाया। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोना ₹2,549 की छलांग लगाकर ₹1,36,283 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी ₹3,450 उछलकर ₹2,11,000 प्रति किलो हो गई। मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दोनों धातुओं ने नया रिकॉर्ड बनाया—फरवरी 2026 कॉन्ट्रैक्ट में सोना 1.02% चढ़कर ₹1,38,145/10 ग्राम और चांदी 1.26% की तेजी से ₹2,15,549/किलो पर बंद हुई।
शहर-wise रेट—22K भी ₹1.26 लाख पार
| शहर | 24K/10g | 22K/10g | चांदी/किलो |
|---|---|---|---|
| पटना | ₹1,38,220 | ₹1,26,702 | ₹2,15,460 |
| जयपुर | ₹1,38,280 | ₹1,26,757 | ₹2,15,540 |
| लखनऊ | ₹1,38,320 | ₹1,26,793 | ₹2,15,620 |
| चंडीगढ़ | ₹1,38,280 | ₹1,26,757 | ₹2,15,540 |
यह जानकारी IBJA 5 PM बुलेटिन से ली गई है।
MCX पर भी ऑल-टाइम हाई
– सोना (5 Feb 2026 expiry): हाई ₹1,38,444, लो ₹1,37,826, क्लोज ₹1,38,145
– चांदी (5 Mar 2026 expiry): हाई ₹2,16,596, लो ₹2,14,498, क्लोज ₹2,15,549
ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले सत्र से 38% ऊपर रहा, जिससे साफ है कि निवेशक और स्पेक्युलेटर दोनों सक्रिय हैं।
तेजी के 4 बड़े इंजन
1. निवेशकों में सुरक्षित निवेश की भूख
वैश्विक अनिश्चितता (मिडिल-ईस्ट तनाव, US-China ट्रेड वॉर) से निवेशक बॉन्ड-इक्विटी से हटकर कीमती धातुओं की ओर भाग रहे हैं।
2. चांदी में औद्योगिक डिमांड स्पाइक
EV, सोलर, AI-चिप्स और 5G टावर में चांदी की खपत 2025 में 12% बढ़ी है।
3. सप्लाई डेफिसिट
सिल्वर इंस्टिट्यूट: 2025 में कुल सप्लाई 918 मिलियन आउंस, लेकिन डिमांड 1,040 मिलियन आउंस—पांचवां साल लगातार घाटा।
4. ETF और फिजिकल बायिंग
भारत में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2025 में ₹22,000 करोड़ बिके; US में iShares Silver ETF में 130 टन का इनफ्लो।
Gold Silver को लेकर एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
– आनंद राठी (नवीन माथुर): “चांदी इस साल 130% चढ़ चुकी है। 2026 में और 15-20% upside संभव है, लेकिन बीच-बीच में 8-10% की कटौती भी आएगी।”
– मेहता इक्विटीज़ (राहुल कलंत्री): “सोना ₹1.45 लाख तक जा सकता है, चांदी ₹2.40 लाख। टारगेट 2026: Buy on dips।”
Gold Silver में निवेशक के लिए 5 अहम टिप्स
1. SIP मोड: हर महीने 1 ग्राम सोना/100 ग्राम चांदी की खरीद
2. SGB: 2.5% सालाना ब्याज + कैपिटल गेन टैक्स फ्री (5 साल)
3. ETF: लिक्विड, लो एक्सपेंस रेश्यो
4. फिजिकल: ज्वेलर्स से 999 चांदी/24K गोल्ड, बिल जरूरी
5. रिस्क: 5-8% पोर्टफोलियो तक ही एक्सपोज़र
Gold Silver की आज की तेजी सिर्फ़ सट्टा नहीं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितता, औद्योगिक डिमांड और सप्लाई घाटे का नतीजा है। 2026 में और 15-20% upside संभव है, लेकिन बीच-बीच में करेक्शन भी आएगा। सलाह है—SIP मोड में खरीदें, SGB/ETF को प्राथमिकता दें और फिजिकल बायिंग में बिल जरूर रखें। कीमतें चढ़ें या उतरें, डिसिप्लिन ही आपको सुरक्षित रखेगा। जब बाज़ार उतरेगा, तब ‘बाय ऑन डिप्स’ याद रखें—क्योंकि 2026 Gold Silver का टारगेट अभी भी ऊपर है।



