Cough Syrup Controversy- मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ के सेवन से हुई 20 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में आज गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। तमिलनाडु स्थित दवा कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक एस. रंगनाथन को छिंदवाड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा Cough Syrup Controversy का मामला?
Cough Syrup Controversy का यह विवाद तब शुरू हुआ जब 2 अक्टूबर को तमिलनाडु के औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने घोषणा की कि कोल्ड्रिफ सिरप के नमूनों में डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) नामक जहरीला पदार्थ पाया गया है। यह पदार्थ 48.6 प्रतिशत तक की मात्रा में मौजूद था, जबकि स्वीकार्य सीमा मात्र 0.1 प्रतिशत है। डीईजी गुर्दों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है और यही बच्चों की मौत का प्रमुख कारण बना।
कंपनी पर लापरवाही के गंभीर आरोप
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के निरीक्षण में श्रीसन फार्मा की फैक्टरी में डीईजी के बिना बिल वाले कंटेनर पाए गए। इससे पता चलता है कि कंपनी द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण के सभी मानकों की गंभीर रूप से अनदेखी भी की गई। कंपनी पर आरोप है कि वह जानबूझकर इस जहरीले पदार्थ को सिरप में मिला रही थी।
राज्य सरकारों ने दिखाई तत्परता
इस घटना के बाद तमिलनाडु, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश सहित कई राज्यों ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर तुरंत प्रतिबंध भी लगा दिया है। वहीं तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने भी इस संबंध में अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश के मंत्री ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इस घटना के लिए सीधे तमिलनाडु सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने गंभीर लापरवाही दिखाई है, क्योंकि राज्य से बाहर जाने वाली दवाओं का निरीक्षण करना उसकी जिम्मेदारी भी थी।
केंद्र सरकार ने जारी की सलाह
इस बीच, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक सलाह जारी करते हुए बाल चिकित्सा आबादी में कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग पर जोर दिया है। इस Cough Syrup Controversy की घटना ने देश भर में दवा निरीक्षण तंत्र में सुधार की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित भी किया है।



